18 सीटों पर 4:30 बजे तक 56% मतदान
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के पहले चरण की 18 सीटों पर मतदान खत्म हो गया। शाम 4:30 बजे तक कुल 56.58 फीसदी मतदान हुआ। नक्सलियों ने दंतेवाड़ा के 12 गांवों में ग्रामीणों को वोट देने से रोकने के लिए उन्हें बंधक बना लिया। यह अभी पता नहीं चल पाया है कि कितने लोग बंधक बनाए गए हैं। हालांकि, बाकी इलाकों में नक्सलियों की धमकी बेअसर साबित होती दिखी। राजनांदगांव के परडौनी गांव और बस्तर के किलेपाल समेत कई नक्सल प्रभावित इलाकों में बूथों पर वोटरों की लंबी कतारें नजर आईं।
दंतेवाड़ा के निलावाया, बुरगुम, पोटाली, नहाडी, काकड़ी, बर्रेम, जबेली, रेवाली, एटपाल, जियाकोडता, पूजारी पाल और मुलेर के ग्रामीणों को बंधक बनाया गया है। एडिशनल एसपी जीएन बघेल ने बताया कि इन गांवों में वोटिंग बूथ खुले रहे, लेकिन वोट डालने के लिए कोई नहीं आया। नक्सली ग्रामीणों को ले गए और उन्हें बंधक बनाकर रखा है।
पांच सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय: पहले चरण में 31.79 लाख मतदाता हैं। कुल 190 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 42 उम्मीदवार करोड़पति हैं। कांग्रेस के 7 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। भाजपा का क्रिमिनल रिकॉर्ड वाला कोई उम्मीदवार नहीं है। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने बसपा के साथ गठबंधन किया है। इससे पहले चरण में चार से पांच सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा और परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे।
कांकेर के आमापानी गांव में मतदान केंद्र को यहां से 12 किमी. दूर शिफ्ट कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने इसकी जानकारी नहीं दी। सुबह वोट देने पहुंचे लोग मतदान केंद्र के बाहर ही टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए।
दंतेवाड़ा के काटेकल्याण ब्लॉक में चुनाव ड्यूटी में लगे जवानों और पोलिंग पार्टी को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया। एआईजी (नक्सल विरोधी अभियान) देवनाथ ने बताया कि धमाका सुबह 5.30 बजे तुमकपाल-नयाननर रोड पर हुआ। इसमें किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
दंतेवाड़ा के आंवराभाटा पिंक बूथ में ईवीएम में खराबी के चलते सुबह तय समय से एक घंटे बाद मतदान शुरू हुआ। उधर, आंवराभाटा के मतदान केंद्र 85-2 में मतदान में 40 मिनट की देरी हुई। 3 जगह पर अब तक ईवीएम बदलने की नौबत आ चुकी है।
53 पोलिंग बूथ पर तकनीकी कारणों के चलते मतदान देर से शुरू हो सका।
राजनांदगांव सीट से मुख्यमंत्री रमन सिंह और कांग्रेस प्रत्याशी करुणा शुक्ला आमने-सामने हैं। यह दोनों ही अपने लिए वोट नहीं डाल सके, क्योंकि रमन सिंह का नाम कवर्धा की वोटर लिस्ट में है जबकि करुणा शुक्ला रायपुर से मतदाता हैं।
बीजापुर के पामेड़ में नक्सलियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के दो जवान घायल हो गए। दोनों की हालत गंभीर है। वोटिंग के मद्देनजर सुरक्षाबलों का दल सर्चिंग पर निकला था, उसी दौरान नक्सलियों ने हमला कर दिया।
बारसूर में नदी पार के मतदान बूथों पर सुबह 10 बजे तक वोट डालने के लिए कोई नहीं पहुंचा।
दक्षिण बस्तर में कांग्रेस विधायक और प्रत्याशी देवती कर्मा ने फरसपाल पोलिंग बूथ में मतदान किया।
कांकेर में चुनाव ड्यूटी में तैनात सीआरपीएफ जवान निर्मल तिग्गा की तबियत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।
दंतेवाड़ा के निलावाया, बुरगुम, पोटाली, नहाडी, काकड़ी, बर्रेम, जबेली, रेवाली, एटपाल, जियाकोडता, पूजारी पाल और मुलेर के ग्रामीणों को बंधक बनाया गया है। एडिशनल एसपी जीएन बघेल ने बताया कि इन गांवों में वोटिंग बूथ खुले रहे, लेकिन वोट डालने के लिए कोई नहीं आया। नक्सली ग्रामीणों को ले गए और उन्हें बंधक बनाकर रखा है।
पांच सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय: पहले चरण में 31.79 लाख मतदाता हैं। कुल 190 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें 42 उम्मीदवार करोड़पति हैं। कांग्रेस के 7 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। भाजपा का क्रिमिनल रिकॉर्ड वाला कोई उम्मीदवार नहीं है। इस बार पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी की पार्टी छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस ने बसपा के साथ गठबंधन किया है। इससे पहले चरण में चार से पांच सीटों पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर को होगा और परिणाम 11 दिसंबर को आएंगे।
कांकेर के आमापानी गांव में मतदान केंद्र को यहां से 12 किमी. दूर शिफ्ट कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने इसकी जानकारी नहीं दी। सुबह वोट देने पहुंचे लोग मतदान केंद्र के बाहर ही टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए।
दंतेवाड़ा के काटेकल्याण ब्लॉक में चुनाव ड्यूटी में लगे जवानों और पोलिंग पार्टी को निशाना बनाने के लिए नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट किया। एआईजी (नक्सल विरोधी अभियान) देवनाथ ने बताया कि धमाका सुबह 5.30 बजे तुमकपाल-नयाननर रोड पर हुआ। इसमें किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
दंतेवाड़ा के आंवराभाटा पिंक बूथ में ईवीएम में खराबी के चलते सुबह तय समय से एक घंटे बाद मतदान शुरू हुआ। उधर, आंवराभाटा के मतदान केंद्र 85-2 में मतदान में 40 मिनट की देरी हुई। 3 जगह पर अब तक ईवीएम बदलने की नौबत आ चुकी है।
53 पोलिंग बूथ पर तकनीकी कारणों के चलते मतदान देर से शुरू हो सका।
राजनांदगांव सीट से मुख्यमंत्री रमन सिंह और कांग्रेस प्रत्याशी करुणा शुक्ला आमने-सामने हैं। यह दोनों ही अपने लिए वोट नहीं डाल सके, क्योंकि रमन सिंह का नाम कवर्धा की वोटर लिस्ट में है जबकि करुणा शुक्ला रायपुर से मतदाता हैं।
बीजापुर के पामेड़ में नक्सलियों से मुठभेड़ में सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन के दो जवान घायल हो गए। दोनों की हालत गंभीर है। वोटिंग के मद्देनजर सुरक्षाबलों का दल सर्चिंग पर निकला था, उसी दौरान नक्सलियों ने हमला कर दिया।
बारसूर में नदी पार के मतदान बूथों पर सुबह 10 बजे तक वोट डालने के लिए कोई नहीं पहुंचा।
दक्षिण बस्तर में कांग्रेस विधायक और प्रत्याशी देवती कर्मा ने फरसपाल पोलिंग बूथ में मतदान किया।
कांकेर में चुनाव ड्यूटी में तैनात सीआरपीएफ जवान निर्मल तिग्गा की तबियत बिगड़ने के बाद मौत हो गई।
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