सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड जज डीके जैन को बीसीसीआई का पहला लोकपाल नियुक्त किया
खेल डेस्क. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को रिटायर्ड जज डीके जैन को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का पहला लोकपाल नियुक्त किया। वे तत्काल प्रभाव से अपना कार्यभार संभालेंगे। जस्टिस एसए बोबडे और जस्टिस एएम सप्रे की पीठ ने कहा, "हमें खुशी है कि संबंधित पक्षों की सुझावों और सहमति से रिटायर्ड जज डीके जैन को बीसीसीआई का लोकपाल नियुक्त करने पर सहमति बन गई है। हम डीके जैन को बोर्ड का पहला लोकपाल नियुक्त कर रहे हैं।"
सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासकों की समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय और सदस्य डायना एडुल्जी के बीच सार्वजनिक रूप से मनमुटाव पर नाराजगी जाहिर की। उन्हें अपने मतभेदों को सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश भी दिए।
सीओए ने पिछले साल लोकपाल की मांग की थी
पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सीओए ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बोर्ड को सालाना आम बैठक और अन्य विवादों को सुलझाने के लिए लोकपाल की जरूरत है। सीओए ने सुप्रीम कोर्ट में पेश 10वीं स्टेटस रिपोर्ट में कहा था, "बीसीसीआई जल्द से जल्द एक लोकपाल और एक एथिक्स ऑफिसर नियुक्त करे। हाईकोर्ट के मौजूदा या किसी रिटायर्ड जज को कम से कम एक या अधिकतम तीन साल के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए।"
लोकपाल के अधिकार
बोर्ड में नियुक्त लोकपाल के दायरे में आंतरिक विवादों का निपटारा, बोर्ड, उसके मेंबर और एसोसिएट मेंबर्स के बीच विवाद को सुलझाना, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नियमों के उल्लंघन, खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों की शिकायतों को देखना, टिकट वितरण में किसी तरह की धांधली आदि मामलों का निपटारा जैसे अहम मुद्दे रहेंगे।
देश को नरेंद्र मोदी पर भरोसा : केंद्रीय मंत्री
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस आतंकियों को क्या दिखाना चाहती है। मोदी झांसी गए, क्योंकि देश रुके नहीं। हम चाहते हैं कि देश न कभी झुके या न रुके। हमारे प्रधानमंत्री के बारे में काफी घटिया बातें कही गईं। राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल है, क्या हमने उसे मुद्दा बनाया। आपको याद रखना चाहिए कि केदारनाथ त्रासदी के बाद राहुल गांधी के लिए आईटीबीपी का कैंप खाली कराया गया था। कांग्रेस कृपया सेना का मनोबल न तोड़े। हमारे सैनिकों को देखकर गर्व होता है, लोग सैल्यूट करते हैं। कांग्रेस सुन ले देश नरेंद्र मोदी पर भरोसा करता है।’
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस चाहती क्या है कि सारा ऑपरेशन बता दिया जाए? जवान कहीं भी जाएं तो क्या सड़क के रास्ते न जाए? 2015 से 18 के बीच कश्मीर में 728 आतंकी मारे गए। 2011 से 14 के बीच 339 मारे गए थे। आतंकियों को मारने के लिए सेना के हाथ खोल दिए गए।’
देश शहीदों के टुकड़े चुन रहा था, मोदी जिंदाबाद के नारे लग रहे थे : रणदीप सुरजेवाला
इससे पहले सुबह कांग्रेस ने पुलवामा हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि हमले के वक्त मोदी जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में डिस्कवरी चैनल के मुखिया के साथ घड़ियालों के साथ एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शहीदों के अपमान का जो उदाहरण मोदी ने पेश किया ऐसा पूरी दुनिया में नहीं दिखता। जब देश शहीदों के शवों के टुकड़े चुन रहा था, तब मोदी चाय-नाश्ता कर रहे थे।
सुरजेवाला के मुताबिक, "दिनभर कॉर्बेट पार्क का भ्रमण करने के बाद गुरुवार शाम पौने सात बजे उनका काफिला धनगढ़ी गेट से निकला। इसी दिन दोपहर 3.10 बजे पर हमला हुआ। मोदी ने वहां अधिकारियों से चर्चा की। जैसे ही धनगढ़ी गेट से उनका काफिला निकला, लोगों ने मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए। देश हमारे शहीदों के टुकड़े चुन रहा था और प्रधानमंत्री अपने नाम के नारे लगवा रहे थे। पूरे देश के चूल्हे बंद थे और प्रधानमंत्री 7 बजे चाय नाश्ते का आनंद ले रहे थे। इससे ज्यादा अमानवीय व्यवहार किसी प्रधानमंत्री का नहीं हो सकता।"
'प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की'
सुरजेवाला ने एक फोटो दिखाते हुए कहा, "उनकी (मोदी की) शाम की नौका विहार की फोटो स्थानीय अखबारों में छपी हैं। एक और पीड़ादायक बात यह भी है कि पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की। क्योंकि सरकारी खर्चे पर की जाने वाली सभाएं और योजनाएं बंद न हो जाएं। 16 फरवरी 2019 को शहीदों के ताबूत उनके कफन दिल्ली एयरपोर्ट पर थे। मोदी वहां झांसी से 1 घंटा लेट पहुंचे। वे पहले अपने घर गए, फिर वहां से एयरपोर्ट पहुंचे।"
सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासकों की समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय और सदस्य डायना एडुल्जी के बीच सार्वजनिक रूप से मनमुटाव पर नाराजगी जाहिर की। उन्हें अपने मतभेदों को सार्वजनिक नहीं करने के निर्देश भी दिए।
सीओए ने पिछले साल लोकपाल की मांग की थी
पिछले साल अक्टूबर में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सीओए ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि बोर्ड को सालाना आम बैठक और अन्य विवादों को सुलझाने के लिए लोकपाल की जरूरत है। सीओए ने सुप्रीम कोर्ट में पेश 10वीं स्टेटस रिपोर्ट में कहा था, "बीसीसीआई जल्द से जल्द एक लोकपाल और एक एथिक्स ऑफिसर नियुक्त करे। हाईकोर्ट के मौजूदा या किसी रिटायर्ड जज को कम से कम एक या अधिकतम तीन साल के लिए नियुक्त किया जाना चाहिए।"
लोकपाल के अधिकार
बोर्ड में नियुक्त लोकपाल के दायरे में आंतरिक विवादों का निपटारा, बोर्ड, उसके मेंबर और एसोसिएट मेंबर्स के बीच विवाद को सुलझाना, प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा नियमों के उल्लंघन, खिलाड़ियों, टीम अधिकारियों की शिकायतों को देखना, टिकट वितरण में किसी तरह की धांधली आदि मामलों का निपटारा जैसे अहम मुद्दे रहेंगे।
देश को नरेंद्र मोदी पर भरोसा : केंद्रीय मंत्री
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस आतंकियों को क्या दिखाना चाहती है। मोदी झांसी गए, क्योंकि देश रुके नहीं। हम चाहते हैं कि देश न कभी झुके या न रुके। हमारे प्रधानमंत्री के बारे में काफी घटिया बातें कही गईं। राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल है, क्या हमने उसे मुद्दा बनाया। आपको याद रखना चाहिए कि केदारनाथ त्रासदी के बाद राहुल गांधी के लिए आईटीबीपी का कैंप खाली कराया गया था। कांग्रेस कृपया सेना का मनोबल न तोड़े। हमारे सैनिकों को देखकर गर्व होता है, लोग सैल्यूट करते हैं। कांग्रेस सुन ले देश नरेंद्र मोदी पर भरोसा करता है।’
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस चाहती क्या है कि सारा ऑपरेशन बता दिया जाए? जवान कहीं भी जाएं तो क्या सड़क के रास्ते न जाए? 2015 से 18 के बीच कश्मीर में 728 आतंकी मारे गए। 2011 से 14 के बीच 339 मारे गए थे। आतंकियों को मारने के लिए सेना के हाथ खोल दिए गए।’
देश शहीदों के टुकड़े चुन रहा था, मोदी जिंदाबाद के नारे लग रहे थे : रणदीप सुरजेवाला
इससे पहले सुबह कांग्रेस ने पुलवामा हमले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि हमले के वक्त मोदी जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क में डिस्कवरी चैनल के मुखिया के साथ घड़ियालों के साथ एक फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। शहीदों के अपमान का जो उदाहरण मोदी ने पेश किया ऐसा पूरी दुनिया में नहीं दिखता। जब देश शहीदों के शवों के टुकड़े चुन रहा था, तब मोदी चाय-नाश्ता कर रहे थे।
सुरजेवाला के मुताबिक, "दिनभर कॉर्बेट पार्क का भ्रमण करने के बाद गुरुवार शाम पौने सात बजे उनका काफिला धनगढ़ी गेट से निकला। इसी दिन दोपहर 3.10 बजे पर हमला हुआ। मोदी ने वहां अधिकारियों से चर्चा की। जैसे ही धनगढ़ी गेट से उनका काफिला निकला, लोगों ने मोदी जिंदाबाद के नारे लगाए। देश हमारे शहीदों के टुकड़े चुन रहा था और प्रधानमंत्री अपने नाम के नारे लगवा रहे थे। पूरे देश के चूल्हे बंद थे और प्रधानमंत्री 7 बजे चाय नाश्ते का आनंद ले रहे थे। इससे ज्यादा अमानवीय व्यवहार किसी प्रधानमंत्री का नहीं हो सकता।"
'प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की'
सुरजेवाला ने एक फोटो दिखाते हुए कहा, "उनकी (मोदी की) शाम की नौका विहार की फोटो स्थानीय अखबारों में छपी हैं। एक और पीड़ादायक बात यह भी है कि पुलवामा हमले के बाद प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा नहीं की। क्योंकि सरकारी खर्चे पर की जाने वाली सभाएं और योजनाएं बंद न हो जाएं। 16 फरवरी 2019 को शहीदों के ताबूत उनके कफन दिल्ली एयरपोर्ट पर थे। मोदी वहां झांसी से 1 घंटा लेट पहुंचे। वे पहले अपने घर गए, फिर वहां से एयरपोर्ट पहुंचे।"
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