उन्नाव रेप मामला: कुलदीप सिंह सेंगर के रसूख के सामने कितनी बेबस बीजेपी?
7月30日,中美双方谈判代表在上海恢复会谈,距离上一次中国副总理刘鹤5月初访美与美方进行第11次贸易谈判已过去近三个月。一度中断的贸易谈判在六月底习近平与特朗普大阪会面后才再度成为可能。
路透社称,各方对此次上海两日会谈能否取得进展期望不高,因此官方和商界都希望中美两国至少可以做出详细承诺,展现“善意”姿态,为未来协商扫清道路。
以往谈判都在北京和华盛顿间轮番举行,为何这次移师上海?中国外经贸大学贸易专家屠新泉称,“少一点政治,多一点商业。”他认为,双方可以各自先走出一小步,建立一定的信任,之后再采取进一步行动。
白宫国家经济委员会主任库德洛上周五则表示,对于会晤他“不指望会达成重大协议”。谈判人员会设法“重新为磋商铺路”,希望能回到5月谈判中断的地方。
中美贸易谈判暂停的三个月,不是一潭死水,两国在华为、大豆、稀土等问题上动作频频,同时各自又面临经济下滑的压力,重回谈判桌后双方的筹码有了怎样的变化?
距离中美恢复会谈两天,中国官媒新华社称,中国企业采购美国农产品取得积极进展,已有数百万吨美国大豆装船运往中国。但中国政府随后否认采购美国大豆和贸易谈判有关。
但美国农业部数据显示,自二十国集团领导人峰会以来,美国向中国发运了162万吨先前订购的美国大豆,低于中国官媒报道的数百万吨。
该数据还显示,美国大豆的第一大出口国是中国,而中国约九成大豆需进口,也就是说美国大豆离不开中国市场,中国的国内需求也离不开美国大豆,从中美贸易的商品结构来看,类似大豆这样的商品正是双方之间的“公约数”。
中美贸易战开打以来,大豆成为受影响最大的商品之一。去年,美国对中国大豆出口同比下降约 47.6%,今年上半年中国进口大豆同比减少 14.7%。
美国几个大豆主产州恰好是特朗普的重要票仓。如果在2020年美国大选前,中美贸易谈判能够达成协议,其中又包含大笔大豆采购订单的话,这对特朗普的选情无疑是重大利好。
然而,中美贸易谈判在5月突然停滞,为达成协议蒙上阴影。特朗普政府随后宣布提供约150亿美元,帮助那些产品成为中国报复性关税目标的美国农民。去年,特朗普已向美国农户提供了120亿美元的援助。
位于美国中西部的明尼苏达州是大豆产区,该州联邦参议员克洛布彻(Amy Klobuchar)称,“对我们的豆农来说,这些关税非常、非常严峻。他们想要做买卖,不想要拿到一堆补贴。”
路透社援引一位要求匿名的特朗普政府前任官员表示,“如果……到总统大选活动全面展开时,他还没解决这件事,而美国的大豆行业受到重创……这对特朗普将是一个大问题。”
中美贸易谈判在五月停滞后仅仅几天,美国政府在一日之内对中国通讯巨头华为连出两招——签署禁止“外国敌对势力”进入美国通讯系统的总统行政令,又将华为放入限制购买美国零件和技术的名单。
多家跨国公司随即宣布减少与华为的合作,或暂停出售华为手机,以求符合美国政府要求。
对于一家全球化时代的科技企业,不能采购美国的元器件,可能面临灭顶之灾。华为的前车之鉴是中兴——在被列入“实体清单”后,这家巨头一时间“主要经营活动无法进行”。
两周后,中国也强硬回应称,不能允许利用中国出口稀土制造的产品来遏制中国的发展。稀土金属被广泛运用于从智能手机、电动汽车、激光仪器、风力发电机,到军用发动机和卫星等高科技行业,而中国是最主要的出产国。
然而华为“断供”事件突然出现转机——6月29日,大阪“习特会”后,特朗普召开记者会,称他已允许美国公司向中国科技巨头华为继续销售产品。
不过,美国官员强调,对华为出口禁令的放宽仅限于对国家安全不构成威胁的产品;行业观察人士预期,这些宽免也只允许华为购买商品化程度最高的美国元器件。ठीक 15 महीने बाद एक फिर उत्तर प्रदेश के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की वजह से एक बार फिर सनसनी मची हुई है.
रायबरेली में 28 जुलाई को कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता की कार को एक ट्रक ने इस तरह टक्कर मारी कि पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो चुकी है जबकि पीड़िता और उनके वकील फ़िलहाल लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर हैं. इस मामले पर विपक्षी पार्टियां सड़क से लेकर संसद तक में सवाल उठा रही हैं.
सबसे बड़ा सवाल तो हादसे के बाद यही उठ रहा है कि इस मामले में पीड़िता के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी उस दिन कहां ग़ायब थे, इस सवाल का कोई ठोस जवाब ना देने के बाद हादसे के बाद जब यूपी पुलिस के मुखिया ओम प्रकाश सिंह जब मीडिया के सामने आते हैं तो कहते हैं, प्रथम दृष्टया ये मामला ओवरस्पीडिंग का लगता है.
ओपी सिंह अपने बयान में जिस मासूमियत से ये कहते नजर आते हैं उससे उनका वो चेहरा तत्काल याद आता है जब ठीक 15 महीने पहले उनका विभाग कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार नहीं करने की वजहें बता रहा था. वे खुद कह रहे थे कि माननीय विधायक जी पर तो अभी आरोप ही लगे हैं.
इन दोनों हालात में एक अंतर ये जरूर आया है कि अब कुलदीप सिंह सेंगर जेल में हैं लेकिन जेल में रहने से उनके रसूख में कहीं से कोई कमी आई हो, ऐसा नहीं कहा जा सकता.
हादसे से जुड़े तमाम सवाल जिनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि कुलदीप सिंह सेंगर अब तक पार्टी में क्यों बने हुए हैं?
इसके बारे में मीडिया ने जब संसद के बाहर यूपी से बीजेपी की सांसद चुनी गईं रीता बहुगुणा जोशी से जब पूछा गया तो उन्होंने टालने जैसा जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी वैसी पार्टी है जो अपराधियों को संरक्षण नहीं देती है.
हाल ही में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष बनाए गए स्वतंत्र देव सिंह ने इस बारे में बात आगे बढ़ाते हुए कहा है, "कुलदीप सिंह सेंगर पार्टी से निलंबित किए गए थे और अभी भी निलंबित हैं."
लेकिन कुलदीप सिंह सेंगर कब तक पार्टी में बने रहेंगे और क्यों अब तक पार्टी में बने हुए हैं, इस पर कोई सामने आकर कुछ नहीं कहना चाहता. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल यूपी के एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि ये बात सही है कि सार्वजनिक रूप से पार्टी की छवि को ज़रूर नुकसान पहुंचा है लेकिन पार्टी इस पर विचार करके जो भी फैसला लेगी वो सामने आ जाएगा.
दरअसल इस पूरे मामले को अगर सिलसिलेवार देखें तो ये समझना मुश्किल नहीं है कि कुलदीप सिंह सेंगर के रसूख के सामने पहले योगी आदित्यनाथ की सरकार और अब बीजेपी भी बेबस नजर आ रही है.
पहले बात इस पूरे मामले के शुरुआत की. दरअसल कुलदीप सिंह सेंगर बीजेपी के टिकट पर उन्नाव ज़िले की बांगरमाउ सीट से विधायक हैं. उन पर उनके गांव माखी की रहने वाली नाबालिग़ लड़की ने चार जून, 2017 को रेप करने का आरोप लगाया. लेकिन विधायक पर कोई मामला लड़की दर्ज नहीं करा पाई थी.
路透社称,各方对此次上海两日会谈能否取得进展期望不高,因此官方和商界都希望中美两国至少可以做出详细承诺,展现“善意”姿态,为未来协商扫清道路。
以往谈判都在北京和华盛顿间轮番举行,为何这次移师上海?中国外经贸大学贸易专家屠新泉称,“少一点政治,多一点商业。”他认为,双方可以各自先走出一小步,建立一定的信任,之后再采取进一步行动。
白宫国家经济委员会主任库德洛上周五则表示,对于会晤他“不指望会达成重大协议”。谈判人员会设法“重新为磋商铺路”,希望能回到5月谈判中断的地方。
中美贸易谈判暂停的三个月,不是一潭死水,两国在华为、大豆、稀土等问题上动作频频,同时各自又面临经济下滑的压力,重回谈判桌后双方的筹码有了怎样的变化?
距离中美恢复会谈两天,中国官媒新华社称,中国企业采购美国农产品取得积极进展,已有数百万吨美国大豆装船运往中国。但中国政府随后否认采购美国大豆和贸易谈判有关。
但美国农业部数据显示,自二十国集团领导人峰会以来,美国向中国发运了162万吨先前订购的美国大豆,低于中国官媒报道的数百万吨。
该数据还显示,美国大豆的第一大出口国是中国,而中国约九成大豆需进口,也就是说美国大豆离不开中国市场,中国的国内需求也离不开美国大豆,从中美贸易的商品结构来看,类似大豆这样的商品正是双方之间的“公约数”。
中美贸易战开打以来,大豆成为受影响最大的商品之一。去年,美国对中国大豆出口同比下降约 47.6%,今年上半年中国进口大豆同比减少 14.7%。
美国几个大豆主产州恰好是特朗普的重要票仓。如果在2020年美国大选前,中美贸易谈判能够达成协议,其中又包含大笔大豆采购订单的话,这对特朗普的选情无疑是重大利好。
然而,中美贸易谈判在5月突然停滞,为达成协议蒙上阴影。特朗普政府随后宣布提供约150亿美元,帮助那些产品成为中国报复性关税目标的美国农民。去年,特朗普已向美国农户提供了120亿美元的援助。
位于美国中西部的明尼苏达州是大豆产区,该州联邦参议员克洛布彻(Amy Klobuchar)称,“对我们的豆农来说,这些关税非常、非常严峻。他们想要做买卖,不想要拿到一堆补贴。”
路透社援引一位要求匿名的特朗普政府前任官员表示,“如果……到总统大选活动全面展开时,他还没解决这件事,而美国的大豆行业受到重创……这对特朗普将是一个大问题。”
中美贸易谈判在五月停滞后仅仅几天,美国政府在一日之内对中国通讯巨头华为连出两招——签署禁止“外国敌对势力”进入美国通讯系统的总统行政令,又将华为放入限制购买美国零件和技术的名单。
多家跨国公司随即宣布减少与华为的合作,或暂停出售华为手机,以求符合美国政府要求。
对于一家全球化时代的科技企业,不能采购美国的元器件,可能面临灭顶之灾。华为的前车之鉴是中兴——在被列入“实体清单”后,这家巨头一时间“主要经营活动无法进行”。
两周后,中国也强硬回应称,不能允许利用中国出口稀土制造的产品来遏制中国的发展。稀土金属被广泛运用于从智能手机、电动汽车、激光仪器、风力发电机,到军用发动机和卫星等高科技行业,而中国是最主要的出产国。
然而华为“断供”事件突然出现转机——6月29日,大阪“习特会”后,特朗普召开记者会,称他已允许美国公司向中国科技巨头华为继续销售产品。
不过,美国官员强调,对华为出口禁令的放宽仅限于对国家安全不构成威胁的产品;行业观察人士预期,这些宽免也只允许华为购买商品化程度最高的美国元器件。ठीक 15 महीने बाद एक फिर उत्तर प्रदेश के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की वजह से एक बार फिर सनसनी मची हुई है.
रायबरेली में 28 जुलाई को कुलदीप सिंह सेंगर पर रेप का आरोप लगाने वाली पीड़िता की कार को एक ट्रक ने इस तरह टक्कर मारी कि पीड़िता की चाची और मौसी की मौत हो चुकी है जबकि पीड़िता और उनके वकील फ़िलहाल लाइफ़ सपोर्ट सिस्टम पर हैं. इस मामले पर विपक्षी पार्टियां सड़क से लेकर संसद तक में सवाल उठा रही हैं.
सबसे बड़ा सवाल तो हादसे के बाद यही उठ रहा है कि इस मामले में पीड़िता के साथ मौजूद सुरक्षाकर्मी उस दिन कहां ग़ायब थे, इस सवाल का कोई ठोस जवाब ना देने के बाद हादसे के बाद जब यूपी पुलिस के मुखिया ओम प्रकाश सिंह जब मीडिया के सामने आते हैं तो कहते हैं, प्रथम दृष्टया ये मामला ओवरस्पीडिंग का लगता है.
ओपी सिंह अपने बयान में जिस मासूमियत से ये कहते नजर आते हैं उससे उनका वो चेहरा तत्काल याद आता है जब ठीक 15 महीने पहले उनका विभाग कुलदीप सिंह सेंगर को गिरफ्तार नहीं करने की वजहें बता रहा था. वे खुद कह रहे थे कि माननीय विधायक जी पर तो अभी आरोप ही लगे हैं.
इन दोनों हालात में एक अंतर ये जरूर आया है कि अब कुलदीप सिंह सेंगर जेल में हैं लेकिन जेल में रहने से उनके रसूख में कहीं से कोई कमी आई हो, ऐसा नहीं कहा जा सकता.
हादसे से जुड़े तमाम सवाल जिनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि कुलदीप सिंह सेंगर अब तक पार्टी में क्यों बने हुए हैं?
इसके बारे में मीडिया ने जब संसद के बाहर यूपी से बीजेपी की सांसद चुनी गईं रीता बहुगुणा जोशी से जब पूछा गया तो उन्होंने टालने जैसा जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी वैसी पार्टी है जो अपराधियों को संरक्षण नहीं देती है.
हाल ही में यूपी बीजेपी के अध्यक्ष बनाए गए स्वतंत्र देव सिंह ने इस बारे में बात आगे बढ़ाते हुए कहा है, "कुलदीप सिंह सेंगर पार्टी से निलंबित किए गए थे और अभी भी निलंबित हैं."
लेकिन कुलदीप सिंह सेंगर कब तक पार्टी में बने रहेंगे और क्यों अब तक पार्टी में बने हुए हैं, इस पर कोई सामने आकर कुछ नहीं कहना चाहता. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल यूपी के एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि ये बात सही है कि सार्वजनिक रूप से पार्टी की छवि को ज़रूर नुकसान पहुंचा है लेकिन पार्टी इस पर विचार करके जो भी फैसला लेगी वो सामने आ जाएगा.
दरअसल इस पूरे मामले को अगर सिलसिलेवार देखें तो ये समझना मुश्किल नहीं है कि कुलदीप सिंह सेंगर के रसूख के सामने पहले योगी आदित्यनाथ की सरकार और अब बीजेपी भी बेबस नजर आ रही है.
पहले बात इस पूरे मामले के शुरुआत की. दरअसल कुलदीप सिंह सेंगर बीजेपी के टिकट पर उन्नाव ज़िले की बांगरमाउ सीट से विधायक हैं. उन पर उनके गांव माखी की रहने वाली नाबालिग़ लड़की ने चार जून, 2017 को रेप करने का आरोप लगाया. लेकिन विधायक पर कोई मामला लड़की दर्ज नहीं करा पाई थी.
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